स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो जरुर पढ़ें ये बातें।

जी हाँ, अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो ये टिप्स है ख़ास आपके लिए।,ताकि आपको अपनी पसंद पर पछताना ना पड़े।

1. बनावट:

किसी भी स्मार्टफ़ोन को मोड़ने की कोशिश न करें. इसके अलावा इसके हर पहलू पर बारीकी से अपनी नज़र डालें. अगर आप देखते है कि इसका कोई पेंच ढीला है? क्या आप डिवाइस में से आ रही किसी तरह की आवाज़ को सुन सकते हैं? अगर किसी स्मार्टफ़ोन की बैक प्लास्टिक की है, तो यहाँ किस तरह के मटेरियल का प्रयोग किया गया है? जब आप एक स्मार्टफ़ोन को अपने हाथों में लेते हैं तो क्या आपको उँगलियों के कारण उसपर निशान पड़ जाते हैं? प्लास्टिक बैक होने के कारण आपको यह स्वतंत्रता होती है कि उस प्लास्टिक की क्वालिटी को उसके बैक कवर को मोड़ कर जान सकते हैं. हार्ड प्लास्टिक किसी भी स्मार्टफ़ोन के लिए सबसे बढ़िया मानी जाती है.
एक नज़र किसी भी स्मार्टफ़ोन के सिम स्लॉट पर भी डाल लीजिये, क्योंकि इसमें भी कभी कभी समस्याएं आ जाती हैं. इस सिम ट्रे को बाहर निकालें और फिर इसे अन्दर डालकर देख लें कि यह सही प्रकार से काम कर रही है या नहीं. यह भी देख लें कि यह कहीं से डीफेक्टेड तो नहीं है.

2. परफॉरमेंस:

ज्यादातर मामलों में किसी भी स्मार्टफ़ोन की दुकान में बढ़िया इन्टरनेट कनेक्शन नहीं होता है, तो सबसे आसान तरिका बस यही बचता है कि भी ऐप को खोलकर उसके साथ खेलना आरम्भ कर दीजिये. और देखिये कि यह ऐप सबसे पहले तो खुलने के कितना वक़्त लगा रहा है और फिर कितनी आसानी और तेज़ी से काम कर रहा है. जो भी डेमो डिवाइस होते हैं उनमें इस तरह की कमी को नहीं देखा जा सकता है. कुछ समय के उन ऐप्स को बंद किये बिना जो आपने ओपन किये हैं काम करके देखिये, और देखिये की आपको कोई लैग नज़र आता है. सबसे बढ़िया तरिका यह भी हो सकता है कि कैमरा ओपन करें और विडियो बनाना आरम्भ कर दें उसी दुकान में, कुछ मिनटों की विडियो बनाकर देख लीजिये और यह ध्यान में रखिये कि फ़ोन कितना गर्म हुआ है. कुछ गर्म होना लाजमी है पर अगर अधिक गर्म हो रहा है यह एक बढ़िया बात नहीं है. और उस समय तो बिलकुल नहीं जब दुकान में एसी लगा हो. गर्म होने से फ़ोन के प्रोसेसर पर फर्क पड़ता है और फिर उसकी परफॉरमेंस पर भी फर्क पड़ता है. इसके साथ साथ यह प्रोसेसर की लाइफ पर भी बड़ा प्रभाव डालता है.
अगर आपके पास समय है और वहां इन्टरनेट से जुड़ने के लिए एक हॉटस्पॉट का निर्माण कर लेते हैं तो आप विभिन्न ब्राउज़र पर इसकी स्पीड जांच सकते हैं. आप इसपर वो सभी करके दक्ख लीजिये जिससे आपको लगता है कि परफॉरमेंस पर फर्क पड़ता है. आपको सही और गलत फ़ोन का अंदाजा हो जाएगा.

3.कैमरा:

यह एक मुश्किल काम है. पर आप एक दुकान में इसे जांच जरुर सकते हैं. किसी भी कैमरा से ली गई एक तस्वीर से इसकी क्वालिटी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. ज्यादातर जिस डिस्प्ले पर एक तस्वीर देखते हैं वह अंशशोघित होती है. इस दुकान में आप दो चीजें कर सकते हैं.
पहला, अगर आप अपने खुद के फ़ोन की डिस्प्ले से संतुष्ट हैं, तो उस फ़ोन से एक तस्वीर लें जो आपने ख़रीदा है. और इसे ब्लूटूथ की सहायता से अपने खुद के फ़ोन में भेज दें, और फिर देखें आपके फ़ोन में यह तस्वीर कैसी लगती है
दूसरा, उसी तस्वीर को अपने और उस फ़ोन से लें जिसे आप खरीदने की योजना बना रहे हैं. और दोनों तस्वीरों को एक डिवाइस में भेज दें, खासतौर पर अपने ही फ़ोन में भेज दें, हालाँकि आप अपनी डिस्प्ले से संतुष्ट हैं तो इन दोनों तस्वीरों के बीच अंतर महसूस करें. आप यहाँ वाइट और रंगों में हो रहे फेर बदल को तो नहीं समझ पायेंगे, पर आपको एक बढ़िया आईडिया तो हो ही जाएगा, कि कैमरा कैसा है बढ़िया है या ख़राब.

4.डिस्प्ले:

इसे जांचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे अपने हाथ में लेकर जांच करें. साथ ही डिस्प्ले को विभिन्न एंगल्स से देखें, इसके साथ ही आप विडियो चलाकर देख सकते हैं, भिन्न भिन्न कोणों से आप इसे जांच सकते हैं, अगर आपको डिस्प्ले के रंगों में कुछ खोट नज़र आता है तो फ़ोन की डिस्प्ले सही नहीं है. इसके रंगों को कई बार जांचे अगर आपको लगता है कि भविष्य में इसके माध्यम से आपको परेशानी हो सकती है तो डिस्प्ले बढ़िया नहीं है. इस फ़ोन को आपको नहीं लेना चाहिए.

जब आप डिस्प्ले पर किसी ऐप को खोलने के लिए टैप करते हैं तो इस बात को भी जांच लें कि कहीं इसपर आपकी उँगलियों के निशान तो नहीं आ रहे हैं, अगर ऐसा हो रहा है तो भी यह अच्छी डिस्प्ले नहीं कही जा सकती है. लैपटॉप्स की तरह स्मार्टफ़ोन की डिस्प्ले जांचने का भी एक आसान तरीका कि आप lagom.nl अपने ब्राउज़र पर ओपन करें और इसका LCD टेस्ट कर लें.
आपको इसके साथ ही डिस्प्ले के टच को जांचना चाहिए. एक गोरिला ग्लास से प्रोटेक्टेड डिस्प्ले बड़ी अच्छी और स्मूद होती है, जबकि बेकार क्वालिटी वाली डिस्प्ले अच्छी नहीं होती और इनका फील भी बेकार का होता है.

5. बैटरी:

दुकानदार से एक बार इस स्मार्टफोंस को चार्जिंग से हटाने के लिए निवेदन करें, और फिर कितनी बैटरी है इसकी जांच कर लें. अब एक हायर रेजोल्यूशन की विडियो बनाएं लगभग 5 मिनट तक और फिर से जांच करें कि बैटरी कितनी कम हुई. यह गिरावट 2 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. जब 10 हजार तक के स्मार्टफोंस में 5 फीसदी यह उससे ज्यादा की गिरावट आती है तो यह अच्छी बात नहीं है.